उत्तराखंड की टिहरी झील बनेगी वैश्विक पर्यटन हब, कैबिनेट ने दी सैद्धांतिक मंजूरी


देहरादून। टिहरी जलविद्युत परियोजना की 42 वर्ग किलोमीटर में फैली झील को वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की तैयारी है। उसे वैश्विक पर्यटन के साथ ही वेलनेस, साहसिक खेल जैसी गतिविधियों का हब बनाने की योजना के दृष्टिगत अब कंसल्टेंट की नियुक्ति की जाएगी।

कैबिनेट की बैठक में भी पर्यटन विभाग की ओर से रखे गए इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सैद्धांतिक सहमति दे दी गई। अब शासन स्तर से जल्द ही कंसल्टेंट की नियुक्ति के दृष्टिगत कवायद प्रारंभ की जाएगी।

झील के चारों ओर लगभग 77 किलोमीटर लंबी रिंग रोड

टिहरी में भागीरथी नदी पर बनी यह विशाल झील सैलानियों के आकर्षण का केंद्र है। इसे देखते हुए सरकार ने भी इसे अब वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की ठानी है। इसी कड़ी में झील के चारों ओर लगभग 77 किलोमीटर लंबी रिंग रोड, सड़क के साथ फुटपाथ व साइकिल ट्रेक भी प्रस्तावित है।

झील में कयाकिंग, कैनोइंग, जेट-स्कीइंग, पैरासेलिंग जैसी जल क्रीड़ाओं का आयोजन भी वहां समय-समय पर किया जा रहा है। इससे टिहरी झील को साहसिक खेल मानचित्र पर पहचान मिली है। यही नहीं, टिहरी झील में सी-प्लेन का सफल ट्रायल भी हो चुका है।

इसके साथ ही सरकार अब टिहरी झील के लिए व्यापक मास्टर प्लान तैयार कर रही है। इसमें पर्यटन, वेलनेस, सड़क, जलक्रीड़ा, होम स्टे, ईको टूरिज्म पर विशेष जोर रहेगा। इन गतिविधियों की ठोस कार्ययोजना बनाने के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति की जानी है, जो इनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करेगा

सूत्रों ने बताया कि इस सिलसिले में कैबिनेट की बैठक में चर्चा हुई। कहा गया कि इस पहल के पीछे सरकार का उद्देश्य टिहरी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है।

 

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