देहरादून। उत्तराखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के तहत जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लंबित आवासीय परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में 18 परियोजनाओं के तहत कुल 15,496 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से करीब 84 प्रतिशत यानी 12,948 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, 1,271 आवासों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी जा चुकी हैं।
आवास विभाग के अनुसार लंबित परियोजनाओं को 30 सितंबर तक हर हाल में पूरा करने की समयसीमा तय की गई है। सरकार का लक्ष्य पात्र परिवारों को जल्द से जल्द उनके घर उपलब्ध कराना है।

ऊधमसिंह नगर में सबसे अधिक आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सबसे अधिक 10,200 आवास ऊधमसिंह नगर जिले में बनाए जा रहे हैं। रुद्रपुर हाउसिंग स्कीम के 1,872 आवास तैयार हो चुके हैं।
इसके अलावा भद्रनीपुर (जसपुर), उकरौली-1 व 2 (सितारगंज), कनकपुर (काशीपुर), मटकोटा व श्यामनगर (रुद्रपुर), मुहावाखेड़ागंज, मानपुर और गंगापुर गोसाल समेत विभिन्न क्षेत्रों में भी आवासों का निर्माण किया जा रहा है।
हरिद्वार में 4,528 आवास निर्माणाधीन
हरिद्वार जिले में कुल 4,528 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें मंगलौर, झबरेड़ा, अनेकी, बेलड़ी, शिवपुर और इमलौक की आवासीय योजनाएं शामिल हैं।
अब तक रुड़की क्षेत्र के 768 और हरिद्वार के 503 लाभार्थियों को आवासों की चाबियां सौंपी जा चुकी हैं।
नैनीताल और देहरादून में भी काम तेज
नैनीताल जिले के रामनगर स्थित उमेदनगर में सभी 528 आवासीय इकाइयों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। वहीं देहरादून की धौलास हाउसिंग स्कीम में कुल 240 आवासों में से 180 आवास तैयार हो चुके हैं।
गरीब परिवारों को सम्मान और सुरक्षा देने पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के अनुरूप सरकार विकास योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
सरकार की कोशिश है कि लंबित आवासीय परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा कर अधिक से अधिक पात्र परिवारों को उनके सपनों का पक्का घर उपलब्ध कराया जा सके।
