स्वतंत्रता दिवस पर शहीदों और वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन, ग्रैनीज़ डेन रिज़ॉर्ट में हुआ भव्य आयोजन

देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर ग्रैनीज़ डेन रिज़ॉर्ट, देहरादून में स्वतंत्रता सेनानियों, युद्ध वीरों तथा देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों को समर्पित एक गरिमामय एवं भावपूर्ण समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रभक्ति, कृतज्ञता और गौरव से सराबोर इस आयोजन में देश की आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों से लेकर आज सीमाओं की रक्षा कर रहे वीर जवानों तक, सभी को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि कोमोडोर राजेश कुमार कांबोज, एनएम (सेवानिवृत्त) द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर किया गया। तिरंगा लहराते ही पूरा वातावरण देशभक्ति के भाव से भर उठा। इसके बाद उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रगान के साथ देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

मुख्य अतिथि कोमोडोर राजेश कुमार कांबोज का भारतीय नौसेना में गौरवपूर्ण और विशिष्ट सेवा-करियर रहा है। वे सैनिक स्कूल कंजपुरा, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), नेवल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, आईआईटी खड़गपुर तथा आईआईएफटी नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं। राष्ट्र सेवा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें चीफ ऑफ नेवल स्टाफ द्वारा दो बार प्रशंसा पत्र प्रदान किया जा चुका है। भारतीय नौसेना में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में उनके असाधारण योगदान के लिए वर्ष 2025 में भारत के माननीय राष्ट्रपति द्वारा उन्हें नौसेना मेडल से सम्मानित किया गया।

 

समारोह में कोमोडोर कांबोज के अलावा कई वरिष्ठ पूर्व सैन्य अधिकारी, सेवारत सैन्यकर्मी और अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा और महत्व को और बढ़ाया। इस अवसर पर यह संदेश भी स्पष्ट रूप से सामने आया कि स्वतंत्रता केवल इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसकी रक्षा और इसके मूल्यों को कायम रखना आज भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

विद्यालय के बच्चों की देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों ने समारोह को भावुक और गौरवपूर्ण बना दिया। बच्चों की आवाज़ों में गूंजता राष्ट्रप्रेम यह संदेश दे रहा था कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और सैनिकों के बलिदान से जुड़े मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

 

इस अवसर पर उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। वक्ताओं ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता किसी एक व्यक्ति या एक घटना का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे वर्षों का संघर्ष, त्याग, जेल यात्राएं, यातनाएं और अनगिनत ज्ञात-अज्ञात वीरों का बलिदान रहा है।

कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि आज़ादी की कीमत को समझने और अपने राष्ट्रीय कर्तव्यों को याद करने का दिन भी है। जिन वीरों ने देश को स्वतंत्र कराने के लिए अपना वर्तमान और भविष्य राष्ट्र को समर्पित कर दिया तथा जिन सैनिकों ने सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए, उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि हम राष्ट्र की एकता, अखंडता और सम्मान को सदैव सर्वोपरि रखें।

ग्रैनीज़ डेन रिज़ॉर्ट, देहरादून ने इस आयोजन को देश के वीरों और उनके परिवारों को समर्पित करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज और विशेष रूप से युवा पीढ़ी को देशभक्ति, साहस, सेवा और त्याग जैसे मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।

तिरंगे की शान और राष्ट्रभक्ति के जज़्बे के साथ संपन्न हुआ यह समारोह उन सभी वीरों के प्रति सामूहिक कृतज्ञता की अभिव्यक्ति बना, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त किया और उन वीर जवानों को नमन किया जो आज भी देश की सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से तत्पर हैं।

“आजादी हमें विरासत में मिली है, लेकिन इसकी कीमत हमारे वीरों ने अपने बलिदान से चुकाई है। उनका सम्मान करना ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है।”

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