
देहरादून : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर दोनों महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और सचिव मोहन सिंह बर्निया समेत अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, विचारों तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि गांधी जी ने सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता के माध्यम से समाज को नई दिशा दी, जबकि शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी और कर्तव्य के प्रति समर्पण सार्वजनिक जीवन के लिए प्रेरणादायी है।
गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक : बंशीधर तिवारी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित था। उनके विचार आज भी समाज में शांति, सद्भाव और मानवता की भावना को मजबूत करने में प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने स्वच्छता को व्यक्तिगत आदत के साथ सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा। उनके आदर्शों को व्यवहार में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से ईमानदारी, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
शास्त्री का जीवन राष्ट्रसेवा की मिसाल : मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री की सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश देश की सुरक्षा और कृषि व्यवस्था में जवानों तथा किसानों के योगदान के महत्व को रेखांकित करता है।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को अपने जीवन एवं कार्यशैली में अपनाने का संकल्प लिया। इस दौरान प्राधिकरण के विभिन्न अनुभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।


