
देहरादून, 08 जुलाई। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को रानीपोखरी स्थित सीएसडी कैंटीन के जीर्णोद्धार एवं विस्तारीकरण कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित सैनिक मिलन कार्यक्रम में उन्होंने पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों और आवश्यकताओं की जानकारी ली।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष रानीपोखरी स्थित सीएसडी कैंटीन के निरीक्षण के दौरान पूर्व सैनिकों ने मंत्री गणेश जोशी को कैंटीन में सीमित स्थान के कारण होने वाली असुविधाओं तथा उसके विस्तार की आवश्यकता से अवगत कराया था। उस समय मंत्री ने कैंटीन के जीर्णोद्धार एवं विस्तारीकरण का आश्वासन दिया था। अपने इसी संकल्प को पूरा करते हुए उन्होंने आज विस्तारीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्यों का लोकार्पण कर पूर्व सैनिकों से किया गया वादा निभाया।

कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों ने रानीपोखरी क्षेत्र में सीएसडी कैंटीन की स्थापना और उसके विस्तारीकरण के लिए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी द्वारा किए गए प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विस्तारित कैंटीन के संचालन से क्षेत्र के बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को अधिक सुविधाजनक एवं बेहतर सेवाएं प्राप्त होंगी।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देश की सुरक्षा में सैनिकों और पूर्व सैनिकों का योगदान अतुलनीय है तथा उनका सम्मान और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के हितों की रक्षा, उनकी सुविधाओं के विस्तार तथा उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सैनिक कल्याण विभाग इस दिशा में पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

संवाद के दौरान पूर्व सैनिकों ने सीएसडी कैंटीन के समीप बहने वाली बरसाती नदी से उत्पन्न संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने सहित अन्य स्थानीय समस्याओं के समाधान का अनुरोध किया। इस पर मंत्री गणेश जोशी ने सभी मांगों पर सकारात्मक एवं आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर केंद्रीय अध्यक्ष एस.एस. मथारू, डीजीएम राजेश नेगी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सेवानिवृत्त कर्नल फर्स्वाण, पूर्व सैनिक आनंद सिंह राणा, राजेंद्र रावत, ग्राम प्रधान सुधीर रतूड़ी तथा बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
