देहरादून : फेयरफील्ड बाय मैरियट में आयोजित दो दिवसीय ‘द लिटरेरी टेबल’ लिटरेचर एंड आर्ट्स फेस्टिवल का रविवार को समापन हुआ। फेस्टिवल में देश के कई जाने-माने लेखक, इतिहासकार, सैन्य विशेषज्ञ और बुद्धिजीवियों ने साहित्य, इतिहास, संस्कृति, वास्तुकला और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए।

फेस्टिवल के दौरान युवा लेखकों और स्कूली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विभिन्न सत्रों में ‘फ्रैक्चर्ड टाइमलाइंस’, ‘फाइल्स अनसील्ड : द बोस एनिग्मा डिक्लासिफाइड’, ‘आ प्लेफुल लुक एट अवर एपिक्स’ और ‘आवर लास्ट चांस : द फाइट फॉर मदर अर्थ’ जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
मशहूर लेखक देवदत्त पटनायक ने रामायण और महाभारत के पात्रों व कथाओं को लेखक के दृष्टिकोण से समझने की बात कही। उन्होंने महाभारत को ‘पंचम वेद’ बताते हुए सीता और द्रौपदी के चरित्रों के विभिन्न पक्षों पर चर्चा की। उनके वक्तव्य में “सीता चुप रहती है लेकिन प्रॉपर्टी लेकर रहती है” जैसी टिप्पणी भी चर्चा में रही।

वहीं, मेजर जनरल रंजन महाजन ने सैन्य सुरक्षा, कश्मीर, भारत-पाकिस्तान संघर्ष, ऑपरेशन सिंदूर और चीन सीमा से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा की। सुभाष चंद्र बोस से जुड़े रहस्यों पर भी विशेषज्ञों ने चर्चा की।
समापन सत्र में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भास्कर वीरा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण पर संबोधित किया और देहरादून से जुड़ी अपनी बचपन की स्मृतियां साझा कीं। फेस्टिवल का संचालन मनु आहूजा ने किया।


