डीएवी पीजी कॉलेज में मंगलवार को छात्रसंघ चुनाव मतदान से लेकर मतगणना तक हंगामे के बीच संपन्न हुआ। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के नवदीप राणा ने एनएसयूआई के सौरभ सेमवाल को 96 वोट से हराकर जीत दर्ज की। जीत के बाद नवदीप राणा और उनके समर्थकों ने कॉलेज परिसर में जश्न मनाया। वहीं महासचिव पद पर निर्दलीय प्रत्याशी निलांश विजयी रहे।
मतदान के दौरान प्रत्याशियों के समर्थन में पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ विवाद के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इससे पहले सोमवार देर रात एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेताओं के खिलाफ पुराने मामले में जारी वारंट और गिरफ्तारी की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी आवास की ओर कूच किया था। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव से ठीक पहले कार्रवाई किए जाने पर सवाल उठाए थे, जबकि पुलिस का कहना था कि कार्रवाई पुराने मामले में जारी वारंट के आधार पर की गई है।
मंगलवार सुबह मतदान के दौरान कॉलेज में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। कॉलेज के मुख्य गेट पर छात्र-छात्राओं के प्रवेश पत्रों की जांच की गई। सुरक्षाकर्मियों और शिक्षकों ने पहचान पत्र देखने के बाद ही विद्यार्थियों को परिसर में प्रवेश दिया।
मतदान समाप्त होने के बाद शाम को मतगणना शुरू हुई तो मतपत्रों की वैधता को लेकर एनएसयूआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की और हंगामे तक पहुंच गया। मतदान स्थल पर रखी टेबल पलट दी गईं। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हटाने का प्रयास किया तो कुछ कार्यकर्ता पुलिसकर्मियों से भी उलझ गए।
मतगणना स्थल पर दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं के पहुंचने से स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को वहां से बाहर खदेड़ा। इसके बाद बड़ी संख्या में एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ता कॉलेज के मुख्य गेट पर पहुंच गए। गेट बंद होने पर कार्यकर्ताओं ने उसे धक्का देकर वहां लगा ताला तोड़ दिया और परिसर में प्रवेश कर गए। इस दौरान बैरिकेडिंग भी गिर गई और आसपास रखी कुर्सियां पलट गईं। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को बाहर निकालकर मुख्य गेट बंद कराया।मतदान से पहले से ही कॉलेज में छात्र संगठनों की गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। मंगलवार को मतदान और मतगणना के दौरान हुई अलग-अलग घटनाओं के चलते डीएवी पीजी कॉलेज का छात्रसंघ चुनाव पूरे दिन चर्चा में रहा।


